अगर चाहिए आपको लोहे जैसा अपने फोरआर्म्स तो करें ये वर्कआउट । Forearms Workout At Gym In Hindi
आम तौर पर हमने देखा है कि जिसकी अच्छी पर्सनैलिटी होती है उसके फोरआर्म्स(Forearms), कंधे और चेस्ट मजबूत और चौड़ी होती है।उनका व्यक्तित्व बिल्कुल अलग दिखता है और सबसे बेहतर। जिसके चौड़े फॉर्मआर्म्स होते हैं।जब आप अपनी हाफ टी-शर्ट पहनते हैं तो उसमें आपकी फोरआर्म्स बहुत अच्छी दिखती हैं।ये सब पाने के लिए हमें वर्कआउट के साथ-साथ अच्छी तरह वर्कआउट डाइट पर भी ध्यान देना होगा।जिम में बिगिनर्स अपनी जिम डाइट मिस्टेक करते हैं। हैं। इससे उनको पूरा तरह से परिणाम नहीं मिलता है।हमें अपनी बॉडी में मसल्स बिल्डिंग पर ध्यान देना चाहिए, जिससे हमारी बॉडी परफेक्ट दिखेगी।
पिछले ब्लॉग में हमने आपको शोल्डर ,बाइसेप्स ,ट्राइसेप्स ,एब्स , लेग ,बैक और चेस्ट ,बैली फैट कैसे कम करें, वर्कआउट के बारे में बताया था। इस ब्लॉग में हम सिर्फ जिम में फोरआर्म्स वर्कआउट के बारे में जानकारी लेंगे।
फोरआर्म्स जैसा कि नाम से समझ आता है। फोर मतलब आगे और आर्म्स मतलब बांह ,अपनी हथेली और केहुनी की बिच के शरीर के अंग को फोरआर्म्स कहा जाता है।
मैंने अपने 5 साल के वर्कआउट एक्सपीरियंस से बोल सकाता हूं कि जिम में सबसे ज्यादा की जाने वाली एक्सरसाइज में फोरआर्म्स की एक्सरसाइज टॉप पर होती है। इस एक्सरसाइज को करना लोग बहुत ज्यादा पसंद करते हैं।
जिम में फोरआर्म्स वर्कआउट करने के बाद पाये अपने फोरआर्म्स में जबरदस्त बदलाव
चलिए आइए देखते हैं फोरआर्म्स की कौन-सी एक्सरसाइज है और इसे कैसे की जाती है? जो इस प्रकार है।
Wrist Curl(रिस्ट कर्ल)
यह एक्सरसाइज फोरआर्म्स के लिए बहुत उपयोगी है। इस वर्कआउट को करने के लिए आपको एक बेंच चाहिए।
आप चाहे तो डम्बल या बारबेल के साथ भी ये एक्सरसाइज कर सकते हैं।
सबसे पहले आपको दिए गए पिक्चर के अनुसार बैठना है और अपने दोनों हाथों से बारबेल या डंबल को पकड़ना है फिर धीरे से अपने हाथ को नीचे से ऊपर की ओर ले जाना है।
इसी तरह बार-बार व्यायाम करना है। यदि आप शुरुआत कर रहे हैं तो ध्यान रखें कि आप अपनी क्षमता के अनुसार वजन कम लेना है।जब आप वर्कआउट करते हैं तो आपके फोरआर्म्स की मसल्स में तनाव पैदा होता है और फिर आपके फोरआर्म्स की मसल्स ग्रो होती हैं।
इसको आपको 10-15 रिपीटेशन के 3 - 4 सेट लगा सकते हैं।अगर अपनी क्षमता से ज्यादा वजन ले लिया तो आपको चोट लग सकती है। और आपको एक बात ध्यान रखना है कि वर्कआउट में आपको अपने शरीर के पोश्चर का भी ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है।
Reverse Wrist Curl(रिवर्स रिस्ट कर्ल)
रिस्ट कर्ल और रिवर्स रिस्ट कर्ल में ज्यादा अंतर नहीं है। केवल थोरा अंतर है। इसमें भी उसी तरह एक बेंच लेना है फिर दिए गए ऊपर पिक्चर के अनुसर बॉडी पॉश्चर रखना है और अपने दोनों हाथों से बारबेल या डंबल को उल्टा घुमाना है अपने हाथ से।
दोनों में केवल इतना अंतर है कि हमें बारबेल को अपने हाथों से सीधा नीचे से ऊपर की ओर करना है और इसमें उल्टा ऊपर से नीचे की ओर ले जाना है।
इसको आपको 10-15 रिपीटेशन के 3 - 4 सेट लगा सकते हैं।अगर अपनी क्षमता से ज्यादा वजन ले लिया तो आपको चोट लग सकती है। और आपको एक बात ध्यान रखना है कि वर्कआउट में आपको अपने शरीर के पोश्चर का भी ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है।
Weight roll(वेट रोल)
इस वर्कआउट को करने के लिए आपको एक वेट रोलर लेना होगा जो जेनरल जिम में होता ही है। वेट रोलर एक छोटी से रॉड होती है जिसके बीच में एक रस्सी बंधी होती है।उसी रस्सी को हम वेट रोलर से रोल करते हैं।
ऊपर दिए गए पिक्चर्स में अपने दोनों हाथों से वेट रोलर को पकड़ कर रस्सी को रोल करना है।
एक बात का ध्यान देना जरूरी है कि वेट रोलर में वजन को अपनी क्षमता के अनुरूप लेना है।इस वर्कआउट को करने से पहले अपनी बॉडी पॉश्चर का ध्यान रखना है और यह बहुत अच्छी फोरआर्म्स एक्सरसाइज है जिससे आपको बेहतर परिणाम मिलेगा।
इस वर्कआउट को आप 10-15 रिपीटेशन के 3 - 4 सेट लगा सकते हैं।
Back Wrist Curl(बैक रिस्ट कर्ल)
बैक रिस्ट कर्ल एक प्रभावी वर्कआउट है फोरआर्म्स के लिए और इससे आपको बेहतर परिणाम मिलेगा।इसको करने का पॉश्चर थोड़ा अलग है बाकी वर्कआउट की तरह। इसको करने के लिए दिए गए पिक्चर में अपने बॉडी पॉश्चर को करना होता है।
फिर आपको एक बारबेल लेकर अपना बॉडी स्टैंड रखना पड़ेगा और अपने दोनों हाथों से बारबेल को धीरे-धीरे ऊपर की ओर करना पड़ेगा।फिर धीरे-धीरे नीचे की ओर लाते हैं।
इसी तरह बार-बार वर्कआउट करना है। यदि आप शुरुआत कर रहे हैं तो ध्यान रखें कि आप अपनी क्षमता के अनुसार वजन कम लेना है।अगर आप अपनी क्षमता से ज्यादा वजन ले लिया तो आपको चोट लग सकती है।
जब आप वर्कआउट करते हैं तो आपके फोरआर्म्स की मसल्स में तनाव पैदा होता है और फिर आपके फोरआर्म्स की मसल्स ग्रो होती हैं।इसको आपको 10-15 रिपीटेशन के 3 - 4 सेट लगा सकते हैं।
Reverse Curls(रिवर्स कर्ल)
रिवर्स कर्ल एक्सरसाइज करने के लिए आपको एक ज़िग-ज़ैग या प्लेन बारबेल लेना पड़ेगा और आपको अपनी क्षमता के अनुरूप वजन लेना है।
आपको ऊपर दिये गये चित्र के अनुसार ,अपने शरीर का पॉश्चर बनाना है और धीरे-धीरे अपने दोनों हाथों से ज़िग-ज़ैग या प्लेन बारबेल को ऊपर की ओर उठाना है , फिर उसी मोशन में नीचे की ओर लाना है रॉड को।
इसी तरह बार-बार वर्कआउट करना है। यदि आप शुरुआत कर रहे हैं तो ध्यान रखें कि आप अपनी क्षमता के अनुसार वजन कम लेना है।अगर आप अपनी क्षमता से ज्यादा वजन ले लिया तो आपको चोट लग सकती है।
जब आप वर्कआउट करते हैं तो आपके फोरआर्म्स की मसल्स में तनाव पैदा होता है और फिर आपके फोरआर्म्स की मसल्स ग्रो होती हैं।इसको आपको 10-15 रिपीटेशन के 3 - 4 सेट लगा सकते हैं।
Hammer Curl(हैमर कर्ल)
हैमर कर्ल बहुत ही प्रसिद्ध वर्कआउट है। आम तौर पर जिम करने वाले लोग हैमर कर्ल करना बहुत पसंद करते हैं। इस वर्कआउट को करने के बाद बहुत अच्छा पंप अच्छा है आपके फोरआर्म्स की मांसपेशियों में।
इसको करने के लिए आपको एक डम्बल लेना होगा फिर दिये गये चित्र के पोजिशन में अपने शरीर को रखना पड़ेगा और अपने दोनों हाथों से धीरे-धीरे डम्बल को ऊपर की ओर उठाना होगा और ठीक उसी मोशन में नीचे की की ओर लाना पड़ेगा।
जब आप वर्कआउट करते हैं तो आपके फोरआर्म्स की मसल्स में तनाव पैदा होता है और फिर आपके फोरआर्म्स की मसल्स ग्रो होती हैं।इसको आपको 10-15 रिपीटेशन के 3 - 4 सेट लगा सकते हैं।
इसी तरह बार-बार वर्कआउट करना है। यदि आप शुरुआत कर रहे हैं तो ध्यान रखें कि आप अपनी क्षमता के अनुसार वजन कम लेना है।अगर आप अपनी क्षमता से ज्यादा वजन ले लिया तो आपको चोट लग सकती है।
Conclusion(निष्कर्ष) -
इस ब्लॉग में दिए गए जिम में फोरआर्म्स वर्कआउट को कर के आप बेहतर परिणाम पा सकते हैं और अपना एक मजबूत व्यक्तित्व बना सकते हैं।
इस ब्लॉग में आखिरी तक बने रहने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद। अगर आपके मन में कुछ भी सवाल है तो कृपया मुझे मेल करें और टिप्पणी करें।
मुझे आशा है कि मैंने आपको अपने ब्लॉग से कुछ आपके जीवन में वैल्यू प्रदान किया होगा।
धन्यवाद।
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